त्योहारों के मद्देनजर राजगढ़ जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,श्री कृष्णा और शारदा दूध डेयरी से लिए सैंपल,लैब भेजे गए ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- आगामी त्योहारों के मद्देनजर नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए राजगढ़ जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर दिखाई दे रहा है । कलेक्टर डॉ. गिरिश कुमार मिश्रा के निर्देशन में गुरुवार को राजस्व और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने ब्यावरा क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर मिलावटी एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की टीम ने मौके से कुल 55 किलोग्राम संदिग्ध मावा और पनीर जब्त किया है, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ।
“श्री कृष्णा और शारदा डेयरी पर छापा,17,000 रु की सामग्री जब्त”
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री एस.एस.खत्री के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान राजगढ़ बाई पास पर स्थित ‘श्री कृष्णा दूध डेयरी’ से संदिग्ध मावा व पनीर के नमूने लिए गए । यहाँ से 35 किलोग्राम संदिग्ध मावा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 9,800 रुपये आंकी गई है । इसी तरह,जगत चौक स्थित ‘शारदा दूध डेयरी’ पर दबिश देकर पनीर का सैंपल लिया गया और 20 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 7,200 रुपये है ।
“जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई”
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जब्त की गई संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं । अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही मिलावट खोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी । कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी होटलों,स्वीट्स और किराना दुकानों पर यह अभियान लगातार जारी रहेगा ।
“अब कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सघन चेकिंग का इंतजार”
ब्यावरा शहर में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब जिले के छोटे कस्बों, तहसील मुख्यालयों और ग्रामीण हाट-बाजारों के नागरिकों ने भी प्रशासन से ऐसी ही सख्ती की मांग की है जो होती नहीं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के सीजन में मुख्य शहरों में कड़ाई होने के कारण मिलावट खोर अपना घटिया और हानिकारक माल ग्रामीण व कस्बाई इलाकों की दुकानों में खपाने की कोशिश करते हैं । ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. मिश्रा से मांग की है कि तहसील स्तर पर भी संयुक्त टीमें गठित कर ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे नगर कस्बों की डेयरियों और मिष्ठान भंडारों की औचक जांच की जाए, ताकि कस्बों के लोगों को भी शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।










