राजगढ़ के 800 शस्त्र लाइसेंसधारी और डिफाल्टर सरपंच निशाने पर,बिना विद्युत एनओसी के नहीं होगा कोई सरकारी काम ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जिले में विद्युत देयकों की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने और विद्युत राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है । कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी की विशेष उपस्थिति में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के राजगढ़ वृत्त की राजस्व वसूली संबंधी एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई । बैठक में बिजली चोरों, बड़े बकाएदारों और जानबूझकर लंबे समय से भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं,अधिकारियों से स्पष्ट कहा गया है कि वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो ।
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जिले के लगभग 800 शस्त्र लाइसेंस धारियों की सूची प्राप्त कर उनके विद्युत देयकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं । आगामी 7 दिवस में इस सूची की गहन स्क्रूटनी कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित लाइसेंसधारियों पर विद्युत बिलों की कोई बकाया राशि तो नहीं है,इसके साथ ही अब खनन, शस्त्र लाइसेंस सहित ऐसे सभी शासकीय लाइसेंस एवं उनके नवीनीकरण के मामलों में,जहां नियमानुसार विद्युत विभाग की अनापत्ति आवश्यक है, संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार विद्युत कंपनी की एनओसी प्राप्त करने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी ।
“डिफाल्टर सरपंचों पर पंचायत राज अधिनियम के तहत एक्शन”
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत बिलों की वसूली की समीक्षा करते हुए बैठक में ऐसे सरपंचों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए,जो लंबे समय से विद्युत देयकों का भुगतान नहीं कर रहे हैं । ऐसे मामलों में पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी । इसके अलावा, विद्युत चोरी के गंभीर प्रकरणों में विद्युत अधिनियम की धारा 135 एवं 138 के तहत नियमानुसार तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ।
“सक्षम बकाएदारों की बैंक जानकारी खंगालेगा लीड बैंक मैनेजर”
बैठक में आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायादारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए । विद्युत कंपनी द्वारा चिन्हित ऐसे बड़े बकायादारों की जानकारी लीड बैंक मैनेजर को उपलब्ध कराई जाएगी,ताकि नियमानुसार उपलब्ध बैंकिंग जानकारी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके । आवश्यकतानुसार बकाया राशि की वसूली के लिए नियमानुसार कुर्की सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी बकायादारों के सही नाम,पते एवं अन्य आवश्यक जानकारी के सटीक सत्यापन में राजस्व विभाग के माध्यम से स्थानीय कोटवारों का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं । मैदानी अमले और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इस वसूली अभियान को प्रभावी बनाया जाएगा ।
आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत को प्रभावी बनाने के लिए 29 अगस्त से लोक अदालत संबंधी नोटिसों के त्वरित वितरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं । इस कार्य में तेजी लाने के लिए प्रत्येक पुलिस थाने से एक-एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाए जाने के संबंध में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक में मुख्य महाप्रबंधक भोपाल, महाप्रबंधक तथा राजगढ़ वृत्त के समस्त उप महाप्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे ।
“ईमानदार उपभोक्ताओं की सराहना और आभार”
एक तरफ जहां बकाएदारों पर सख्ती की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बैठक में नियमित रूप से विद्युत बिलों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की सराहना भी की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि समय पर बिल जमा करने वाले नियमित उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके प्रति आभार व्यक्त कर अन्य उपभोक्ताओं को भी समय पर भुगतान के लिए प्रेरित किया जाए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि विद्युत व्यवस्था की निरंतरता एवं बेहतर सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं द्वारा समय पर भुगतान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन का उद्देश्य ईमानदार एवं नियमित उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जानबूझकर बकाया रखने वालों से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करना है ।










