
थाने में पुलिस कर्मियों और बजरंग दल के कार्यकर्ता ने बांधा साफा, ब्राह्मण गांव पहुंचने पर युवाओं ने किया स्वागत ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- वर्तमान समय में जहाँ भौतिकता की अंधी दौड़ में चंद पैसों के लिए इंसान, इंसान का दुश्मन बन जाता है और चंद रुपयों के लिए लोग अपना ईमान बेच देते हैं,ऐसे दौर में क्षेत्र के ब्राह्मण गांव के एक युवक ने ईमानदारी की ऐसी अनूठी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़िया निवासी दो सगी बहनें कोमल और पूजा पिता श्यामपुरी गोस्वामी अपनी स्कूटी से गागोरानी की तरफ जा रही थीं । इसी दौरान रावण बड़ली माचलपुर के पास उनकी स्कूटी से एक बैग अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया । इस बैग में दो सोने के मंगलसूत्र, चांदी की पायजेब और ₹1,700 नगद सहित कुल ₹2 लाख का कीमती सामान मौजूद था
“लावारिस मिला था बैग, नहीं डोला ईमान”
दोनों बहनों का यह कीमती बैग जिस स्थान पर गिरा उसी मार्ग से गुजर रहे ब्राह्मण गांव निवासी सियाराम पिता मनोहर लाल दांगी को लावारिस हालत में सड़क पर पड़ा मिला । कलयुग के इस दौर में जहाँ लोग लावारिस संपत्ति पर अपना हक जताने से नहीं चूकते,वहीं सियाराम ने अद्वितीय चरित्र का प्रदर्शन किया उन्होंने बैग को सुरक्षित उठाकर तुरंत थाना माचलपुर लेकर पहुंचे और बिना किसी लालच के पूरा बैग पुलिस के सुपुर्द कर दिया ।
उधर, बैग गुम होने से परेशान पीड़ित बहनों ने इसकी लिखित सूचना थाना जीरापुर में दर्ज कराई थी । जीरापुर और माचलपुर पुलिस के आपसी समन्वय के बाद फरियादी बहनों से संपर्क किया गया और उन्हें थाना माचलपुर बुलाकर उनका पूरा कीमती सामान पूरी पारदर्शिता के साथ वापस सौंप दिया गया । अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर दोनों बहनों की आंखें खुशी से छलक आईं और उन्होंने सियाराम व पुलिस का बारंबार आभार व्यक्त किया ।
“थाने से लेकर गांव तक गूंजा सियाराम का नाम’
सियाराम दांगी द्वारा समाज को प्रेरित करने वाले इस नेक कार्य पर थाना माचलपुर में पुलिस कर्मियों एवं बजरंग दल के लक्ष्मण गुर्जर द्वारा उन्हें पुष्पमाला पहनाकर और साफा बांधकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया । इसके बाद जब सियाराम अपने गृह ग्राम ब्राह्मण गांव पहुंचे, तो उनकी इस नेक दिली की खबर पूरे क्षेत्र में फैल चुकी थी गांव वालों को उनकी इस कार्य प्रणाली पर गर्व महसूस हुआ ओर युवाओं व स्थानीय निवासियों ने उनका स्वागत किया और ग्रामीण परिवेश के इन ऊंचे संस्कारों की जमकर सराहना की ।










