तहसीलदार की जांच में खुली पोल, साफ-सफाई और रोशनी की व्यवस्था भी मिली बदहाल, अनुराधा यादव को मिला नया प्रभार ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- अनुसूचित जाति उत्कृष्ट कन्या छात्रावास नरसिंहगढ़ में छात्राओं को खराब भोजन परोसने और शिकायत करने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी देने वाली अधीक्षिका पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है । छात्राओं द्वारा की गई गंभीर शिकायतों को राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने अत्यंत गंभीरता से लिया है उन्होंने लापरवाही और दुर्व्यवहार के मामले में छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ।
“तहसीलदार की जांच में हुआ प्रताड़ना का खुलासा”
हॉस्टल की छात्राओं ने बीते 22 अगस्त को भोजन की गुणवत्ता खराब होने सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी । मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अगले ही दिन,23 अगस्त को नरसिंहगढ़ तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुनीता तेलवार ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया ।
मौके पर पंचनामा बनाकर जब छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, तो बेहद चौंकाने वाली बातें सामने आईं । छात्राओं ने बताया कि जब भी वे अच्छा भोजन देने की मांग करती थीं,तो अधीक्षिका उनके साथ अमर्यादित व्यवहार करती थीं और उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी देती थीं । जांच में हॉस्टल के भीतर साफ-सफाई का स्तर बेहद खराब पाया गया और कमरों व परिसर में प्रकाश (रोशनी) की व्यवस्था भी ठप मिली ।
“अधीक्षिका का तलेन तबादला,नई शिक्षिका को जिम्मेदारी”
तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वर्तमान अधीक्षिका श्रीमती सुनीता मथरे (उच्च श्रेणी शिक्षक) को हॉस्टल के प्रभार से हटा दिया है । प्रशासन ने उन्हें दंडस्वरूप जिला राजगढ़ के तलेन स्थित ‘राजा शंकर शाह,रघुनाथ शाह बालक आश्रम’ में केवल शैक्षणिक कार्य के लिए संबद्ध कर दिया है ।
छात्राओं की व्यवस्थाएं प्रभावित न हों,इसके लिए जनजातीय कार्य विभाग की माध्यमिक शिक्षक श्रीमती अनुराधा यादव को अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आगामी आदेश तक अनुसूचित जाति उत्कृष्ट छात्रावास नरसिंहगढ़ का नया प्रभार सौंप दिया गया है । कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य शासकीय संस्थानों के लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है ।










