लोकायुक्त ट्रैप के पुराने मामले का भी उल्लेख हेल्थ कमिश्नर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जिला स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2026-27 के लिए जारी किए गए वाहन टेंडर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है । प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और वित्तीय गड़बड़ी बरतने के आरोप लगे हैं । इस मामले में मेंसर्स दिलीप सिंह राजपूत ने जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री (CM) और स्वास्थ्य आयुक्त (हेल्थ कमिश्नर) को भी पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है । शिकायत के अनुसार, जिले में शासकीय कार्यों के संचालन के लिए करीब 20 वाहनों का टेंडर जारी किया गया था, टेंडर की पहली और अनिवार्य शर्त यह थी कि इसमें केवल पंजीकृत ट्रैवल्स संचालक ही भाग ले सकते हैं और उनके पास अधिकतम 15 कमर्शियल वाहन होने चाहिए ।
आरोप है कि इन नियमों और शर्तों को दरकिनार करते हुए ‘माँ शारदा टूर एंड ट्रेवल्स, भोपाल’ को कार्य आदेश क्रमांक 16834 दिनांक 03 अगस्त 2026 जारी कर दिया गया और उसे 10 वाहन विभाग में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ।
“घरेलू उपयोग के वाहनों को लगा दिया सरकारी ड्यूटी पर”
शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों के हवाले से सबसे बड़ा खुलासा यह किया है कि इस कार्य आदेश में शामिल 10 वाहनों में से एक भी वाहन संबंधित ट्रैवल्स संचालक या फर्म के नाम पर परिवहन कार्यालय में पंजीकृत नहीं है । ये सभी वाहन आरटीओ में निजी और घरेलू उपयोग के लिए रजिस्टर्ड हैं । नियमानुसार निजी वाहनों का उपयोग व्यावसायिक या सरकारी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता इसके बावजूद प्रभारी सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल द्वारा इन निजी वाहनों को संचालित करने का अनुमति पत्र भी जारी कर दिया गया ।
शिकायत में पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं संबंधित आदेश में वाहनों के तय मासिक किराए का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है । शिकायतकर्ता का आरोप है कि किराए की राशि को गोपनीय रखना एक बड़ी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है ।
“लोकायुक्त ट्रैप का भी शिकायत में जिक्र, भोपाल में घेराबंदी की तैयारी”
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में डॉ. शोभा पटेल के पुराने रिकॉर्ड का भी हवाला दिया है । इसमें उल्लेख किया गया है कि 17 अप्रैल 2026 को डॉ. पटेल के खिलाफ लोकायुक्त की कथित ट्रैप (रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने) की कार्रवाई भी हो चुकी है । ऐसे में वर्तमान टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाजिमी है कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने के बाद अब शिकायतकर्ता इस पूरे मामले को राज्य स्तर पर उठाने की तैयारी में है । शिकायतकर्ता का कहना है कि वे जल्द ही भोपाल जाकर हेल्थ कमिश्नर के समक्ष टेंडर दस्तावेज, वाहनों के आरटीओ पंजीयन, अनुमति पत्र और भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करेंगे, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके ।










