
कलेक्टर दफ्तर के बाहर डटे रहे कांग्रेसी, पूर्व विधायक बापूसिंह की दो टूक- ‘ये जनता है, अधिकारियों और नेताओं सबको पीटेगी’ ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर / राजगढ़ :- जिले के ग्रामीण अंचलों में हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। पूर्व मंत्री जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने राजगढ़ कलेक्ट्रेट का जोरदार घेराव किया । प्रदर्शन इस कदर आक्रामक था कि जिला मुख्यालय पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए कांग्रेस ने साफ चेतावनी दे दी कि यदि बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता खुद मौके पर ज्ञापन लेने नहीं आए, तो कलेक्ट्रेट में तालाबंदी कर दी जाएगी और अधिकारी रात भर यहीं बंधक रहेंगे, इस तीखी चेतावनी के बाद आखिरकार बिजली विभाग के एसई को झुकना पड़ा, उन्होंने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया ।
“सुधर जाओ, वरना जनता पीटेगी : पूर्व विधायक तंवर”
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक बापूसिंह तंवर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में अधिकारियों और सत्तापक्ष को दो टूक चेतावनी दी । उन्होंने जनता के बढ़ते गुस्से को रेखांकित करते हुए कहा,”यह आम जनता है,अगर इसकी बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हुईं, तो यह उग्र हो जाएगी । याद रखना, वक्त आने पर यह जनता अधिकारियों और नेताओं, सबको पीटेगी।” पूर्व विधायक के इस तीखे बयान ने आंदोलन की कमान संभाल रहे कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया और कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा ।
“रबी बुवाई और त्योहारों के बीच चौतरफा संकट”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान में रबी फसलों की बुवाई का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की सख्त जरूरत है, लेकिन अघोषित कटौती ने उनकी कमर तोड़ दी है। वहीं नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर भी ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे धार्मिक और सामाजिक आयोजन प्रभावित हो रहे हैं। इस अघोषित कटौती से सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि व्यापारी, विद्यार्थी और आम नागरिक भी बेहाल हैं ।
“कांग्रेस के ज्ञापन की मुख्य मांगें जो प्रशासन को सौंपा”
• अघोषित कटौती पर रोक: ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से अघोषित बिजली कटौती बंद हो।
• शेड्यूल के अनुसार बिजली: किसानों को कृषि व सिंचाई के लिए निर्धारित समय पर निर्बाध बिजली मिले।
• शिकायतों का त्वरित निराकरण: जिला स्तर पर बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सेल बने।
• शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का संरक्षण: अपनी आवाज उठाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कोई दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न की जाए ।
जिला कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो यह सिर्फ एक घेराव था, अगला कदम पूरे जिले में चक्काजाम और उग्र आंदोलन होगा ।










