थाना प्रभारी ने प्रबुद्ध नागरिकों संग किया संवाद, विसर्जन स्थलों पर सुदृढ़ सुरक्षा,बड़े बाजार में विमान और पुराने झंडा चौक पर अखाड़े के प्रदर्शन को लेकर बनी सर्वसम्मत रणनीति ।
माचलपुर :- आगामी गणेश उत्सव,जलझूलनी एकादशी और अनंत चतुर्दशी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को क्षेत्र में शांति, आपसी सौहार्द और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार दोपहर को माचलपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई । बैठक में थाना प्रभारी आदित्य कुमार सोनी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा संवाद किया । हालांकि, त्योहारों जैसी बेहद संवेदनशील व्यवस्था की इस बैठक को लेकर नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक अमले का रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही वाला नजर आया ।
“कानून व्यवस्था जिनके हाथ, वही नदारद,मजिस्ट्रेट के प्रभार वाले अधिकारी की लापरवाही पर उठे सवाल”
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग और जिला प्रशासन के कड़े नियम व स्पष्ट निर्देश हैं कि त्योहारों से पूर्व आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठकों में कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नागरिक सुविधाओं के प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है । नियमों के मुताबिक, ऐसे समय में किसी भी कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने, धारा 144 लगाने, जुलूस की विशेष अनुमति देने या मौके पर त्वरित दंडात्मक निर्णय लेने का अधिकार केवल मजिस्ट्रेट के पास होता है।
लेकिन, माचलपुर थाने में नियमों और कर्तव्यों की सरेआम अनदेखी की गई माचलपुर नायब तहसीलदार का प्रभार संभाल रहे जीरापुर तहसीलदार सुनील वर्मा संवेदनशील बैठक से पूरी तरह नदारद रहे । त्योहारों के समय जब शांति व्यवस्था बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होता है और कानून व्यवस्था की पूरी बागडोर प्रशासनिक अधिकारी के हाथ में होती है, उन अधिकारी का बैठक में न आना उनकी कार्यप्रणाली और कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता को बयां करता है।
इतना ही नहीं,नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी इस महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बनाए रखी । इन मुख्य अधिकारियों ने जनभावनाओं और शासन के नियमों को ताक पर रखकर,अपने स्तर पर औपचारिकता पूरी करते हुए कनिष्ठ कर्मचारियों को बैठक में खानापूर्ति के लिए भेज दिया । बैठक में राजस्व विभाग से कस्बा पटवारी भेरूलाल दांगी, विद्युत विभाग से मुन्नालाल और नगर परिषद से प्रेम सोनी उपस्थित हुए, जिनके पास मौके पर कोई भी नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं होता ।
“थाना प्रभारी सोनी ने संभाला मोर्चा, सर्वसम्मति से हुए ये निर्णय”
मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों की इस बेरुखी के बीच,थाना प्रभारी आदित्य कुमार सोनी ने मोर्चा संभाला और अपनी भूमिका बखूभी निभाते हुए नगर के वरिष्ठ नागरिकों व जनप्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद कर त्योहारों को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए विस्तृत खाका तैयार किया गया ।
बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसमें एक ही स्थान पर होगा मूर्ति विसर्जन,पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नगर के भूतियाबे पर एक ही सुरक्षित स्थान पर किया जाएगा । जलाशयों पर रहेगी सुदृढ़ सुरक्षा,अनंत चतुर्दशी और विसर्जन के मुख्य दिनों में चिन्हित विसर्जन स्थलों और जलाशयों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो । पंडालों की सुरक्षा और साफ-सफाई गणेश पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रखने और नगर परिषद के माध्यम से नियमित साफ-सफाई व पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया ।
जलझूलनी एकादशी पर ‘बड़े बाजार’ में सजेंगे विमान: जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर भगवान के सभी विमान नगर के मुख्य ‘बड़े बाजार’ में एकत्रित होंगे । यहाँ श्रद्धालु व आम नागरिक पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की सामूहिक पूजा-अर्चना और दर्शन लाभ ले सकेंगे ।
पुराने झंडा चौक पर मचेगी अखाड़े की धूम: उत्सव के दौरान अखाड़े का मुख्य प्रदर्शन और पारंपरिक करतब ‘पुराने झंडा चौक’ पर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा ।
इस बैठक में मंडल भाजपा अध्यक्ष श्रीमती मंगला अग्रवाल नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि बलवंत सिंह गुर्जर, हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पवन मिश्रा, अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल मालवीय,पार्षद पवन राठौर,रामलाल गुर्जर, बजरंग लववंशी, रोडुराम पहलवान, दयाराम राठौर, राजेंद्र मंडलोई, सुलेमून खान सहित नगर के गणमान्य नागरिक और स्थानीय पत्रकार प्रमुख रूप से मौजूद रहे । सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में आश्वस्त किया कि माचलपुर हमेशा की तरह इस बार भी सभी त्योहार आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएगा।










