बाबा रामदेव धर्मशाला में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन, माखन-मिश्री के भोग के साथ बंटा महाप्रसाद ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- छापीहेड़ा (नाटाराम) समीपस्थ ग्राम नाटाराम में बाबा रामदेव सेवा समिति एवं समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया । बाल-गोपाल के प्राकट्य होते ही पूरा पंडाल आलकी की पालकी “जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गुंजायमान हो गया
कथा के दौरान एक छोटे बालक को बाल कृष्ण के रूप में विशेष तौर पर सजाकर पंडाल में लाया गया । कान्हा की एक झलक पाते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और नन्हें कान्हा के रूप ने मोहा मन,भक्तों ने पालने विराजमान बाल कृष्ण पर खूब दुलार लुटाया तथा उन्हें माखन-मिश्री का विशेष भोग लगाया और आरती उतारी ।
“प्रभु की कृपा से असंभव भी संभव,कथावाचक हीरालाल शर्मा”
जीरापुर वाले सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. हीरालाल जी शर्मा ने व्यास पीठ से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का अलौकिक प्रसंग सुनाया । उन्होंने कहा कि जब भगवान का जन्म हुआ, तो कारागार के ताले टूट गए और पहरेदार सो गए वासुदेव जी उफनती यमुना पार कर कान्हा को गोकुल छोड़ आए और वहां प्रकट हुईं शक्तिरूपा कन्या को ले आए कथावाचक ने संदेश दिया कि प्रभु की कृपा से हर असंभव कार्य संभव हो जाता है ।
जन्मोत्सव के इस पावन मौके पर संगीतकारों ने जब “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” भजन की प्रस्तुति दी, तो कथा पंडाल में मौजूद महिला श्रद्धालु उत्साहित होकर जमकर नृत्य करने लगे इस दिव्य और उल्लासपूर्ण वातावरण में बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्हें अंत में माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया ।










