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सावन के अंतिम सोमवार पर माचलपुर के शिवालयों में उमड़ा जनसैलाब,स्वयंभू गुप्तनाथ सहित विभिन्न मंदिरों में गूंजे बाबा के जयकारे !

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बाघा बाल्डी,सात फेरो व बिलेश्वर महादेव पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, महाआरती के बाद वितरित हुआ प्रसाद ।

 घनश्याम शर्मा माचलपुर

 राजगढ़ / माचलपुर :-
शिव ‘आशुतोष’ हैं,जो केवल एक लोटा जल और बेलपत्र से भी प्रसन्न होकर ब्रह्मांड का सर्वोच्च वैभव दान कर देते हैं ।
इसी आकांक्षा आशा के साथ पवित्र सावन मास के अंतिम सोमवार को माचलपुर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति का अनूठा माहौल देखा गया । क्षेत्र के सुप्रसिद्ध स्वयंभू गुप्तनाथ महादेव शिवालय सहित नगर के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा सावन के इस अंतिम सोमवार पर महादेव के दर्शन कर पुण्य कमाने के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में बच्चे,महिलाएं और बुजुर्ग मंदिर पहुंचे,जिससे सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा ।

“अंतिम सोमवार का विशेष महत्व और दुर्लभ संयोग”
धार्मिक दृष्टि से आज के सोमवार का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि ज्योतिष गणना के अनुसार आज सावन के समापन पर ‘कैलाश पर शिववास’ का अत्यंत दुर्लभ संयोग बना । मान्यता है कि जब महादेव स्वयं कैलाश पर विराजमान होते हैं, तब किया गया रुद्राभिषेक सीधे शिवजी तक पहुंचता है इसके साथ ही *आज आयुष्मान, प्रीति और हंसराज योग,* के महासंगम ने इस दिन के महत्व को कई गुना बढ़ा दिया । पंडितों के अनुसार सावन के इस अंतिम दिन पूरे महीने की पूजा में हुई भूलचूक की क्षमा मांगकर किया गया जलाभिषेक हर अधूरी मनोकामना को पूर्ण करता है ।

नगर के इन प्रमुख शिवालयों में रही विशेष धूम:

बाघा बाल्डी व सात फेरो पर उमड़ा सैलाब : नगर की बाघा बाल्डी पर स्थित मानकमनेश्वर महादेव मंदिर तथा सात फेरो पर भी सावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुंचे और भगवान आशुतोष का आशीर्वाद लिया साथ यहां पर फलहारी खिचड़ी की प्रसाद का वितरण हुआ
बिलेश्वर महादेव पर युवा समिति का विशेष आयोजन : तालाब किनारे स्थित बिलेश्वर महादेव मंदिर पर युवा समिति द्वारा बाबा भोलेनाथ का मनमोहक श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई,जो आकर्षण का केंद्र रही ।
थाना परिसर व अन्य मोहल्लों में गूंजे जयकारे : पुलिस थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में भी दिन भर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया । इसके साथ ही नगर की आवास कॉलोनी, जमीदार मोहल्ला सहित विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों के मंदिरों में भी सुबह से ही बाबा के जयकारे गूंजते रहे ।

“अलौकिक श्रृंगार और भजनों की गंगा, रात 8 बजे हुई महाआरती”
दिन भर चले अभिषेक के दौर के बाद, दोपहर बाद बाबा गुप्तनाथ का बेहद मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया । वहीं, देर रात्रि तक भजन मंडलियों द्वारा शिव भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं रात्रि ठीक 8 बजे गुप्तनाथ मंदिर पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया,जिसमें पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा । आरती के पश्चात उपस्थित हजारों भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसके साथ ही सावन मास के सोमवार व्रतों का भव्य समापन हुआ ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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